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वैश्विक मंच पर भारतीय साहित्य की दमदार आवाज: अमिताभ घोष का गौरवशाली रचनात्मक सफर
अंग्रेज़ी भाषा के प्रतिष्ठित साहित्यकार अमिताभ घोष आज अपने जन्मदिन के अवसर पर साहित्य जगत में एक विशिष्ट पहचान के रूप में याद किए जा रहे हैं। 11 जुलाई 1956 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में जन्मे अमिताभ.... और पढ़ें
गृह मंत्री अमित शाह ने किया “जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय” का उद्घाटन
नई दिल्ली, 11 जुलाई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज ज्ञान और आधुनिकता का एक नया केंद्र स्थापित हुआ, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय का .... और पढ़ें
बाल्यकाल से योगी, विश्व-चेतना के मार्गदर्शक तपस्वी: कायस्थ गौरव स्वामी निरंजनानंद सरस्वती
भारत की सनातन आध्यात्मिक ज्ञान परंपरा के आकाश में समय-समय पर ऐसे देदीप्यमान नक्षत्रों का उदय हुआ है, जिन्होंने अपनी आत्म साधना के आलोक से न केवल स्वयं को सिद्ध किया, अपितु संपूर्ण मानवता को भी सन्म.... और पढ़ें
कायस्थ समाज के लिए बड़ी पहल: “श्री चित्रगुप्त तीर्थ दिव्य दर्शन सेवा केंद्र” का शुभारंभ
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा का एक समर्पित सेवा-संकल्प
कायस्थ समाज के श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल करते हुए, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा <.... और पढ़ें
जन्मदिन विशेष: आप भी भेजिए राजकुमार संतोषी को अपनी शुभकामनाएँ
भारतीय सिनेमा जगत के प्रख्यात निर्माता-निर्देशक, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संरक्षक एवं समाज के गौरव राजकुमार संतोषी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।<.... और पढ़ें
क्यों अखंड भारत की नींव रखने के लिए चंद्रगुप्त को लेना पड़ा कायस्थ मेधा का सहारा!
भारतीय इतिहास के पन्नों में केवल रक्त-रंजित युद्धों और तलवारों की खनक ही दर्ज नहीं है, बल्कि इसमें कूटनीति, दूरदर्शिता और राष्ट्र-निर्माण के वे स्वर्णिम अध्याय भी समाहित हैं, जो युगों-य.... और पढ़ें
कायस्थों का प्रथम तीर्थ - श्री चित्रगुप्त मंदिर: आस्था, अस्मिता और भविष्य की दिशा
"मसिभाजनसंयुक्तं ध्यायेच्चर्मप्रसाधनम्। लेखनीपट्टिकाहस्तं चित्रगुप्तं नमाम्यहम्॥"
कायस्थ समाज की गौरवशाली और युगीन परंपरा के आकाश में .... और पढ़ें
तुम कोई साधारण भीड़ का हिस्सा नहीं हो! मिनी कुलश्रेष्ठ
कभी सोचा है कि जब तुम किसी फॉर्म पर, किसी दस्तावेज़ पर या अपने नाम के आगे 'श्रीवास्तव', 'सक्सेना', 'माथुर', 'निगम', 'भटनागर' या 'कुलश्रेष्ठ' लिखते हो.... और पढ़ें
परंपरा के गौरव से आधुनिक संगठन के महा-संकल्प तक
"कायस्थ समाज केवल एक जाति नहीं, बल्कि एक विचार है, एक संस्कृति है और ज्ञान का एक शाश्वत प्रवाह है। इतिहास गवाह है कि जब-जब राष्ट्र को प्रशासनिक कुशलता, बौद्धिक विमर्श और न्यायप्रिय नेतृत्व की.... और पढ़ें
कृतित्व की ऊँचाई, कर्तव्य का प्रकाश - कायस्थ गौरव श्री अनुपम श्रीवास्तव जी को जन्मोत्सव की बधाई!






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